मध्यप्रदेश की समृद्ध गोंड कला परम्पराएँ पूरे वर्ष दुनिया को दिखेंगी

मध्यप्रदेश में सबसे बड़ी जनजाति गोंड है, जो बैतूल, होशंगाबाद, छिन्दवाड़ा, बालाघाट, शहडोल, मंडला, सागर, दमोह आदि जिलों में निवास करती है। प्राचीन समय में मध्यप्रदेश के विन्ध्य और सतपुड़ा पर्वत श्रंखला के जंगलों में नर्मदा नदी के उदृगम अमरकंटक से लेकर भड़ौच (गुजरात) तक नदी के मार्ग में गोंड जनजाति की कोई न कोई शाखा निवास करती रही है। ऐतिहासिक साक्ष्यों के अनुसार यहाँ कभी बड़ा भू-भाग गोंडवाना कहलाता था। गोंड समुदाय में नृत्य, संगीत, चित्र और शिल्प की भी पुरानी और समृद्ध परम्परा है जिसमें घरों की सज्जा की एक खास शैली प्रचलित है। इसके अलावा गोंड जीवन में आभूषण और अलंकरण की केन्द्रीय भूमिका है। गोंड कला वर्ष में इस जनजाति की इन्हीं अद्भुत, समृद्ध और बहुरंगी कला विशेषताओं को और अधिक समृद्ध, संरक्षित और रेखांकित करने के लिये बहुआयामी प्रयास किये जाएंगे।


Popular posts
विदिशा मारपीट के आरोपी की जमानत न्यायालय ने की खारिज
Image
लॉकडाउन के प्रथम दिन से ही शहरी सीमा में गरीब बस्तियों मजदूरों और जरूरतमंदों को लगातार सूखा राशन साबुन मास्क आदि बांटते हुए सुर्खियों में रहे युवा कांग्रेस नेता इंजीनियर संजीव सक्सेना
Image
भोपाल मैत्री पुलिस टीम ने आज दोपहर थाना जहांगीराबाद गर्ल्स स्कूल, सेंट फ्रांसिस स्कूल का भ्रमण कर छात्राओं को जागरूक किया व मार्केट का पैदल भ्रमण किया एवं ऐशबाग क्षेत्र में संस्कार गर्ल्स हॉस्टल में लड़कियों से सुरक्षा हेतु चर्चा की गई। मैत्री 9 द्वारा हबीबगंज थाना क्षेत्र में नूतन कॉलेज, सरोजिनी नायडू हायर सेकंडरी स्कूल का दौरा कर छात्राओं को सुरक्षा के टिप्स दिए गए।
Image
भोपाल थाना बजरिया कुख्यात बदमाश सलमान मय कट्टा के साथ गिरफ़्तार कई मामलों में था फरार
Image
रीवा अवयस्क बालक के साथ अप्राकृतिक कृत्य करने वाले आरोपी की जमानत निरस्त
Image